Essay on India of My Dreams in Hindi

Essay on India of My Dreams in Hindi | मेरे सपनो का भारत पर निबंध

Essay on India of My Dreams in Hindi


    हर किसी का अपना एक सपना होता है। किसी का घर लेने का, किसी का महंगी गाड़ी लेने का, सबके अपने सपने होते है। ऐसे में मेरा भी एक छोटा-सा सपना है। एक ऐसा सपना जो हर भारतीय देखता है। अपने भारत देश के बारे में। सभी चाहते है की हमारा देश भारत विकसित हो एवम आगे बढ़े, प्रगति करे। मेरा भी कुछ ऐसा ही एक सपना है जहा मुझे एवम्  आने वाली पीढ़ियों को भारतीय होने पर गर्व हो और इसके अतिरिक्त भारत एक ऐसा देश बने जहां जात-पात, आर्थिक स्थिति को लेकर, आदि कोई भेदभाव न हो, विकास को हम सही मायने में देखे।


    मेरे सपनों का भारत एक ऐसा राष्ट्र होगा जो समस्त क्षेत्रों में पूर्णतः आत्मनिर्भर होगा। मैं चाहता हूं कि भारत तकनीकी रूप से उन्नति करें, कृषि की दृष्टि से उन्नत हो और साथ ही वैज्ञानिक रूप से भी काफी आगे बढ़े। देश में जितनी भी बंजर भूमि है, जहां सदियों से फसल का नमो निसान नही है, खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए खेती की जाएगी। मुझे अपने देश पर गर्व है, जहां जवान के साथ साथ किसान की भी जय की जाती है क्योंकि कृषि रीढ़ की हड्डी है और GDP को आगे बढ़ाती है। हमारा देश कृषि प्रधान देश भी कहलाता है।


    मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश में रहता हूं जहां इतनी समृद्ध मिट्टी है जिसमें उपयुक्त खनिज हैं जो कृषि में मदद करते हैं और खेती को बढ़ावा देते हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में मिट्टी की विभिन्न किस्में हैं, जैसे गुजरात में काली मिट्टी है जो कपास उगाने के लिए उपयुक्त है, केरल में मिट्टी है जो चावल की खेती के लिए उपयुक्त है, और इसी तरह देश में सर्वश्रेष्ठ चीजों में से एक हरित क्रांति है, जिसमें किसानों के लिए बृहत् कृषि कार्यक्रम पेश किए गए है।



    महिला सशक्तिकरण

    मेरा सबसे बड़ा सपना समस्त क्षेत्रों में महिलाओं को बढ़ावा देकर उनका सशक्तिकरण देखना है। मैं यह देखकर अभिभूत हूँ कि महिलाएं स्वतंत्र हो रही हैं और पारिवारिक जिम्मेदारियां के साथ सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर सबके साथ कंधा मिलाकर चल रही हैं। हालाँकि, महिला सशक्तिकरण के लिए कई चीजों पर काम करने की आवश्यकता है, जैसे कि कन्या भ्रूण हत्या को पूरी तरह से रोकना, संगठन में सुरक्षा और समानता को बढ़ावा देना आदि। भारत के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अभी भी कन्या भ्रूण हत्या, दहेज़ कुप्रथा, मानसिक और शारीरिक शोषण के कई मामले देखने को मिल रहे हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से  कतई अच्छा संकेत नहीं माना जा सकता है।


    भारत में कई जगहों पर अभी भी पितृसत्ता मौजूद है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। कई नौकरियां अभी भी महिलाओं के लिए नहीं खुली हैं। चीजों को बेहतर तरीके से बदलने के लिए, सरकार और अन्य नागरिकों के साथ, एक समुदाय के रूप में महिलाओं को भी लोगों और समाज की मानसिकता को बदलने के लिए कुछ चीजों को अपने हक़ में करेने के लिए लड़ना होगा। महिलाओं के उत्थान और बेहतर भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा या नौकरियों में विभिन्न प्रकार के आरक्षण भी प्रदान किए जाते हैं।


    अच्छी बात यह है कि भारत सरकार, कुछ गैर सरकारी संगठनों व कई अन्य सामाजिक समूहों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। देश की महिलाओं को अपने निर्णय लेने में स्वतंत्रता मिले और वे मुक्त रूप से  अपने कार्य कर पाएं, ऐसा मेरे सपनो का भारत हो।


    गरीबों को सबल एवं सशक्त बनाना

    अमीर और अमीर होते जा रहे हैं, और गरीब दिन बा दिन और गरीब होते जा रहे हैं। एक लम्बे वक़्त से मध्यम वर्ग उसी स्थिति में खड़ा है। यह भारत के लिए आदर्श स्थिति नहीं होनी चाहिए। यह अंतर जितना अधिक होगा, उतना ही अधिक हमारे देश और लोगों को भुगतना पड़ेगा। मेरे सपनों का भारत एक ऐसा राष्ट्र होना चाहिए जहां निर्धन एवं निर्बल को सशक्तिकरण मिले, निर्धन को जीवका मिले, वे भूखे न रहें और उनके रहने का उचित प्रबंध एवं आश्रय हो।


    गरीब बच्चों को शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे दुनिया का सामना करने और एक सफल जीवन जीने के लिए आश्वस्त हों। अमीर, गरीब के बीच भेदभाव की कोई खाई ने हो। राष्ट्रीय आय को समाज के समस्त वर्गों के बीच उचित एवं तर्कसंगत तरीके से वितरित किया जाये। देश में, समाजवाद स्थापित किया जाए क्योकि इस उपाय से इस समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है।


    रोजगार के अवसर

    मेरे सपनों का भारत एक ऐसा राष्ट्र होना चाहिए जहां पर हर व्यक्ति के लिए रोजी-रोटी, व्यवसाय, रोजगार के समान अवसर उपलब्ध हो। लोगों के पास जीवन यापन हेतु एक अच्छी नौकरी या व्यवसाय हो, जो उनके सपनों को पूरा करने में सहायक हो। लोगों को रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरे न खानी पड़ें।


    कई पढ़ी-लिखी युवा पीढ़ी सही रोज़गार न मिलने के कारण जो नौकरी उनको मिलनी चाहिए वो नही मिल पाती। वे बेरोज़गारी का शिकार हो जाते है। मैं चाहता हूँ की कुछ ऐसे नियम या कानून बने जहाँ समर्थ युवा पीढ़ी को मन मारकर कुछ और काम न करना पड़े बल्कि उनके अनुरूप ही उन्हें काम मिले। 


    योग्य उम्मीदवारों के विकास की राह में आरक्षण सबसे बड़ी बाधा रहा है। कई युवा विशेषज्ञ नौकरी के अवसरों के लिए विदेश चले जाते हैं, जिसको प्रतिभा पलायन कहा जाता है यह देश के लिए बिलकुल अनुकूल नहीं है। 'इंडिया ऑफ माई ड्रीम' एक ऐसी जगह है जहां योग्य उम्मीदवार को नौकरी मिलनी ही चाहिए। जिस देश में युवा विशेषज्ञों को उचित नौकरी मिलती है, वह निश्चित रूप से सकल घरेलू उत्पाद की लाभदायक वृद्धि का गवाह बनेगा।


    ऊंच नीच और जाति भेदभाव नहीं

    आजादी से लेकर अब तक जातिगत भेदभाव भारतीय समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है। देश के कई गांवों में अभी भी कुछ लोगों को जातिगत भेदभाव के मुद्दों का सामना करना पड़ता है। यह देखना निश्चित रूप से शर्मनाक है कि जाति के मुद्दे पर लोगों को उनके अधिकारों से कैसे वंचित किया जाता है। अच्छी बात यह है कि कुछ सामाजिक संगठन जातिगत भेदभाव मिटाने के लिए दिन रात लगे हुए है जो देश के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक सकारात्मक सोच है।


    जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने में आरक्षण भी प्रमुख कारक है। योग्य उम्मीदवार, चाहे वह किसी भी जाति का हो, को अधिक भुगतना पड़ता है, और गैर-योग्य, चाहे वह किसी भी जाति का हो, भारत के शीर्ष कॉलेजों में आसानी से प्रवेश प्राप्त कर लेता है। छात्र अपनी उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए विदेश चले जाते हैं। उन्हें लगता है कि भारत की शिक्षा प्रणाली सही नहीं है और तो और कई सरकारी नौकरियां भी युवाओं को जल्दी नौकरी न दे कर उनसे अनुभव(Experience) की उम्मीद करती है तब ही उन्हें नौकरी पर रखा जाता है, जो भी एक सही तरीका नहीं है।


    भ्रष्टाचार

    मेरी इच्छा है कि भारत पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार विहीन हो, जो राष्ट्र के उत्थान में मदद करेगा। इतने वर्षों के बाद भी देश का विकास सही ढंग से नहीं हो पाने का एक कारण लोगों द्वारा अपनाए जा रहे भ्रष्टाचार है। काम कितना भी बड़ा या छोटा क्यों न हो, उसे पूरा करने के लिए पैसे तो देने ही पड़ते हैं।

    हालाँकि, कई सरकारी एजेंसियां है जो इस तरह से हो रहे भ्रष्टाचार पर कड़ी निगरानी रखती है। मैं एक ऐसे देश का सपना देखता हूं, जहां लोग बिना रिश्वत लिए किसी काम को अंजाम दें।


    आधुनिकीकरण, अच्छा बुनियादी ढांचा और स्वच्छता

    मैं एक ऐसे भारत की परिकल्पना करता हूं, जिसमें अच्छा बुनियादी ढांचा और स्वच्छता है। ऐसे कई गांव हैं, जिनमें खराब स्वच्छता और बुनियादी ढांचे की कमी है। भारत सरकार को इन सब पर कार्य करने की नितांत आवश्यकता है, ताकि लोगों का जीवन सरल बन सके व उन्हें वह सब मिले जिसके वे दावेदार हैं। पर्याप्त स्वच्छता बहुत महत्वपूर्ण है, यह गांव के लोगों, विशेषकर महिलाओं को खुले में शौच पर जाने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव में  मदद करता है।


    भारतीय रक्षा बलों को तकनीकी रूप से उन्नत हथियारों से लैस होना चाहिए। सभी तीन सैन्य इकाइयों, थल सेना, नौसेना और वायु सेना को भारत सरकार द्वारा अतिरिक्त ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि किसी भी राष्ट्र की रक्षा बल किसी भी देश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। 


    निष्कर्ष

    मेरे सपनों का भारत एक आदर्श देश होना चाहिए, जिस पर मैं गर्व कर सकूं और आत्मविश्वास से जी सकूं। मैं चाहता हूं कि आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर जीवन मिले और वह सब कुछ मिले जिसके वे इस देश में हकदार हैं। मैं चाहता हूं कि मेरा देश राजनीतिक रूप से मजबूत और निष्पक्ष हो, मेरे देश का लोकतंत्र सबसे मजबूत और सफल हो। हमारे जीवन के हर पहलू से भ्रष्टाचार का सफाया होना चाहिए।


    टैक्स व्यावहारिक और न्यायिक रूप से लगाया जाना चाहिए, अमीर और गरीब के बीच के अंतर को समाप्त किया जाना चाहिए, और किसी भी तरह की असमानता नहीं होनी चाहिए। यह स्वप्न राष्ट्र यहां रहने वाले प्रत्येक नागरिक का सपना होना चाहिए, तभी वांछित परिणाम दिखाई देगा। प्रत्येक नागरिक को उसके अनुसार कार्य करना चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को उस राष्ट्र पर गर्व हो, जिसमें वे पैदा हुए हैं, और तभी दुनिया के अन्य देश भारत से प्रेरणा लेंगे।

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